Rent Agreement |किरायानाम – Bareilly

Rent Agreement Bareilly | किरायानामा बनवाएं

किरायानामा / Rent Agreement

Pandey Legal Solution Bareilly & Moradabad Legal Service | Same Day Drafting

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📑 Table of Contents

  • New Rent Agreement 2025 Rules: नया किरायेदारी कानून क्या है?
  • ➤ 6 महीने का एडवांस नहीं, अचानक बेदखली भी नहीं
  • ➤ रेंट एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन 2 महीने के भीतर जरूरी
  • ➤ Digital Stamping अनिवार्य, न करने पर लगेगा जुर्माना
  • ➤ Security Deposit की सीमा तय
  • ➤ किराया बढ़ाने के लिए 90 दिन पहले सूचना जरूरी
  • ➤ बिना कारण सुविधाएं बंद नहीं कर सकते मकान मालिक
  • ➤ ₹50,000 से अधिक किराए पर TDS अनिवार्य
  • 📺 नए किराया समझौते पर वीडियो

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    👉 New Rent Agreement 2025 Explained

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    🏠 New Rent Agreement 2025 Rules

    किराए के घर को लेकर अक्सर किराएदार और मकान मालिक के बीच विवाद देखने को मिलते थे। कहीं मकान मालिक अधिक एडवांस मांगता था, तो कहीं किराएदार समय पर किराया नहीं देता था। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने New Rent Agreement 2025 Rules And Format लागू कर दिया है।

    इस नए नियम का उद्देश्य किराया बाजार में पारदर्शिता, सुरक्षा और अनुशासन लाना है। सरकार के मुताबिक अब न तो मकान मालिक मनमानी शर्तें थोप सकेगा और न ही किराएदार नियमों से बाहर जाकर मकान का उपयोग कर सकेगा।

    📜 New Rent Agreement 2025 Rules: नया किरायेदारी कानून क्या है?

    नए किराया कानून 2025 में बड़े बदलाव किए गए हैं। अब अगर किराए का समझौता 11 महीने या उससे ज्यादा का है, तो उसे रजिस्टर कराना अनिवार्य होगा। सरकार ने सुरक्षा जमा राशि की भी सीमा तय कर दी है। अब रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर अधिकतम दो महीने का किराया ही लिया जा सकेगा।

    इसके अलावा मकान मालिक को किराया बढ़ाने से पहले किरायेदार को लिखित रूप में सूचना देना जरूरी होगा। किसी भी किराया विवाद को लंबा खींचने से रोकने के लिए सरकार ने विशेष किराया प्राधिकरण बनाए हैं, जो 60 दिनों के भीतर मामला निपटाएंगे।

    इतना ही नहीं रेंट एग्रीमेंट पर Digital Stamping भी अब जरूरी कर दी गई है। यदि समझौते पर डिजिटल स्टाम्प नहीं लगा तो ₹5,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।


    🔹 6 महीने का एडवांस नहीं, अचानक बेदखली भी नहीं

    नए नियमों के बाद मकान मालिक अब किराएदार से 6 महीने तक का एडवांस किराया नहीं मांग सकते। कई शहरों में मकान मालिक भारी एडवांस लेकर किराएदार पर दबाव बनाते थे, लेकिन अब इस प्रथा पर रोक लगा दी गई है।

    इसके साथ ही किसी किराएदार को अचानक घर खाली करने के लिए कहना भी गैरकानूनी होगा। अब इसके लिए तय कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी।


    🔹 रेंट एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन 2 महीने के भीतर जरूरी

    अब तक रेंट एग्रीमेंट बनता तो था, लेकिन उसका रजिस्ट्रेशन लोग अनदेखा कर देते थे। नए नियमों के तहत रेंट एग्रीमेंट साइन होने के 60 दिनों के भीतर रजिस्टर कराना अनिवार्य कर दिया गया है।

    रजिस्ट्रेशन न कराने पर ₹5,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार का कहना है कि रजिस्ट्रेशन से सभी किराएदारों और मकान मालिकों के हित सुरक्षित रहेंगे और विवाद कम होंगे।

    अन्य महत्वपूर्ण नियम (Additional Rules 2025)


    🔹 Digital Stamping अनिवार्य, न करने पर लगेगा जुर्माना

    हर रेंट एग्रीमेंट पर अब Digital Stamping अनिवार्य कर दी गई है। इसका मतलब है कि स्टांप शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा। यदि स्टांपिंग नहीं की गई तो जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसका उद्देश्य कागज़ी प्रक्रिया को खत्म करना और रिकॉर्ड को डिजिटल बनाना है।


    🔹 Security Deposit की सीमा तय

    नए नियमों के अनुसार सुरक्षा राशि पर भी सीमा तय कर दी गई है। आवासीय संपत्ति के लिए अधिकतम 2 महीने का किराया और कमर्शियल संपत्ति के लिए अधिकतम 6 महीने का किराया ही लिया जा सकता है।

    इससे बड़े शहरों में किराएदारों को राहत मिलेगी, जहाँ पहले अधिक सिक्योरिटी ली जाती थी।


    🔹 किराया बढ़ाने के लिए 90 दिन पहले सूचना जरूरी

    अब मकान मालिक अचानक किराया नहीं बढ़ा सकते। यदि किराया बढ़ाना है, तो किराएदार को कम से कम 90 दिन पहले लिखित सूचना देना अनिवार्य है।

    किराएदार को यह अधिकार है कि वह बढ़ोतरी के कारण को समझे या उस पर बातचीत करे।


    🔹 बिना कारण सुविधाएँ बंद नहीं कर सकते मकान मालिक

    पानी, बिजली, पार्किंग जैसी मूल सुविधाएँ मकान मालिक अब बिना कारण बंद नहीं कर सकते। ऐसा करना नए नियमों के तहत दंडनीय माना जाएगा।


    🔹 ₹50,000 से अधिक किराए पर TDS अनिवार्य

    यदि किराया ₹50,000 प्रति माह से अधिक है, तो किराएदार को उस पर TDS काटना होगा। यह नियम प्रीमियम प्रॉपर्टीज को टैक्स के दायरे में लाने के लिए लागू किया गया हरेंट एग्रीमेंट के नए नियम विशेषज्ञों को पसंद आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन सुधारों से किराया बाजार में भरोसा बढ़ेगा, डिजिटल प्रक्रिया, तय सुरक्षा राशि, समय पर रजिस्ट्रेशन और स्पष्ट अधिकारों से किराएदार का शोषण रुकेगा, मकान मालिक भी कानूनी सुरक्षा में रहेगा बाजार अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक New Rent Agreement 2025 किराए पर रहने वाले लाखों लोगों का जीवन आसान करेगा।ै।

    📜 Terms & Conditions / शर्तें

    NOW THIS AGREEMENT WITNESSETH AS UNDER

    1. किराया / Rent:
      मासिक किराया ₹________ (शब्दों में: __________) होगा, जो प्रत्येक माह की 10 तारीख तक अग्रिम में दिया जाएगा।
      Monthly rent ₹________ shall be paid in advance on or before 10th of every month.
    2. मेंटेनेंस / Maintenance:
      मेंटेनेंस राशि किरायेदार द्वारा संबंधित एजेंसी को सीधे दी जा सकती है और उसका प्रमाण मालिक को देना होगा।
      Maintenance may be paid directly to the concerned authority and proof shall be provided to the owner.
    3. सिक्योरिटी / Security Deposit:
      ₹________ राशि बिना ब्याज के सुरक्षा राशि के रूप में जमा होगी, जो मकान खाली करते समय वापस की जाएगी।
      Security deposit ₹________ shall be refundable at the time of vacating the property.
    4. अवधि / Duration:
      यह किरायानामा ___ से ___ तक (11 महीने) के लिए मान्य होगा।
      This agreement shall be valid for 11 months from ___ to ___.
    5. बिजली व शुल्क / Electricity & Charges:
      बिजली का बिल किरायेदार देगा, जबकि मेंटेनेंस शर्तों के अनुसार तय होगा।
      Electricity charges shall be paid by tenant. Maintenance as agreed.
    6. नियम / Rules:
      किरायेदार सभी स्थानीय नियमों का पालन करेगा।
      Tenant shall follow all local rules.
    7. भुगतान / Payment:
      सभी बिल समय पर संबंधित विभाग को जमा करना होगा।
      All bills shall be paid on time to concerned authorities.
    8. संपत्ति की स्थिति / Property Condition:
      संपत्ति को अच्छी स्थिति में रखना और नुकसान होने पर मरम्मत करना किरायेदार की जिम्मेदारी होगी।
      Tenant shall maintain property and repair damages at own cost.
    9. उप-किराया / Subletting:
      बिना अनुमति किसी अन्य को किराये पर नहीं दिया जाएगा।
      Tenant shall not sublet without permission.
    10. निर्माण / Construction:
      बिना लिखित अनुमति कोई निर्माण कार्य नहीं होगा।
      No construction without written consent of owner.
    11. मरम्मत / Repairs:
      छोटी मरम्मत किरायेदार करेगा, बड़ी मरम्मत मालिक करेगा।
      Minor repairs by tenant, major repairs by owner.
    12. निरीक्षण / Inspection:
      मालिक उचित समय पर संपत्ति का निरीक्षण कर सकता है।
      Owner may inspect the property at reasonable time.
    13. कर / Taxes:
      संपत्ति कर एवं अन्य सरकारी शुल्क मालिक द्वारा दिए जाएंगे।
      All property taxes shall be paid by owner.
    14. नोटिस / Notice:
      दोनों पक्ष 30 दिन का लिखित नोटिस देकर समझौता समाप्त कर सकते हैं।
      Either party may terminate agreement with 30 days written notice.
    15. क्षेत्राधिकार / Jurisdiction:
      किसी भी विवाद की स्थिति में स्थानीय न्यायालय का अधिकार होगा।
      All disputes shall be subject to local jurisdiction.
    16. किराया वृद्धि / Rent Increase:
      11 महीने के बाद किराया 10% या बाजार दर के अनुसार बढ़ाया जा सकता है।
      Rent may increase by 10% or as per market rate after 11 months.
    17. बाध्यकारी / Binding:
      यह समझौता दोनों पक्षों पर पूर्णतः बाध्यकारी होगा।
      This agreement shall be binding on both parties.

    ✍️ IN WITNESS WHEREOF

    दोनों पक्षों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए:

    First Party (मालिक): __________________________

    Second Party (किरायेदार): __________________________

    👥 Witness (गवाह)

    1. __________________________
    2. __________________________

English

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