Best Advocate in Bareilly & Moradabad | Pandey Legal Solution
BNS Section 420 (Cheating / धोखाधड़ी)
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!BNS Section 420 – धोखाधड़ी (Cheating)
Brief:
Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 420 उस अपराध से संबंधित है, जिसमें कोई व्यक्ति धोखे से किसी को संपत्ति देने, धन ट्रांसफर करने या कोई कार्य करने के लिए प्रेरित करता है, जिससे पीड़ित को नुकसान होता है।
Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 420 उस अपराध से संबंधित है, जिसमें कोई व्यक्ति धोखे से किसी को संपत्ति देने, धन ट्रांसफर करने या कोई कार्य करने के लिए प्रेरित करता है, जिससे पीड़ित को नुकसान होता है।
🔹 धारा 420 BNS की परिभाषा
यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को झूठे वादे, गलत जानकारी या छल-कपट द्वारा धोखे में डालकर धन, संपत्ति या किसी अधिकार से वंचित करता है, तो वह अपराध BNS Section 420 के अंतर्गत Cheating (धोखाधड़ी) कहलाता है।
🔹 आवश्यक तत्व (Essential Ingredients)
- धोखा देने का इरादा (Dishonest Intention)
- झूठी जानकारी या छल-कपट
- पीड़ित को नुकसान या हानि
- धोखे और नुकसान के बीच सीधा संबंध
🔹 सजा (Punishment under BNS 420)
BNS Section 420 के अंतर्गत दोष सिद्ध होने पर:
- 7 वर्ष तक का कारावास, या
- जुर्माना, या
- दोनों
🔹 उदाहरण (Example)
यदि कोई व्यक्ति किसी को नौकरी, जमीन या निवेश का झूठा वादा करके पैसे ले लेता है और बाद में न पैसा लौटाता है न वादा पूरा करता है, तो यह अपराध BNS Section 420 के अंतर्गत आएगा।
🔹 क्या यह जमानती अपराध है?
धोखाधड़ी की गंभीरता और राशि के आधार पर यह अपराध प्रायः गैर-जमानती और संज्ञेय माना जाता है।
🔹 IPC से तुलना (IPC vs BNS)
पहले धोखाधड़ी का अपराध IPC Section 420 के अंतर्गत आता था, जिसे अब BNS Section 420 द्वारा आधुनिक और स्पष्ट रूप में लागू किया गया है।
