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IPC Section 74 = Outraging Modesty of Woman (महिला की लज्जा भंग) BNS Section 74
भारतीय न्याय संहिता (BNS) – धारा 74
आपराधिक बल (Criminal Force)
परिचय
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 आपराधिक बल (Criminal Force) से संबंधित है। यह धारा पुराने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 350 का स्थान लेती है। इसका उद्देश्य बिना सहमति और गलत नीयत से किए गए शारीरिक बल के प्रयोग को अपराध घोषित करना है।
धारा 74 – आपराधिक बल की परिभाषा
यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति पर उसकी सहमति के बिना जानबूझकर शारीरिक बल का प्रयोग करता है, इस उद्देश्य से कि उसे चोट पहुँचाई जाए, भय उत्पन्न किया जाए, या उसे कोई कार्य करने या न करने के लिए बाध्य किया जाए, तो ऐसा कृत्य आपराधिक बल कहलाता है।
धारा 74 लागू होने के आवश्यक तत्व
- किसी व्यक्ति पर बल (Force) का प्रयोग
- बल का प्रयोग बिना सहमति के
- जानबूझकर किया गया कृत्य
- चोट, भय या बाध्य करने की मंशा
सरल शब्दों में
जब कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को धक्का देता है, पकड़ता है, मारता है, खींचता है या डराने के उद्देश्य से शारीरिक बल का प्रयोग करता है और यह सब बिना सहमति किया जाता है, तो वह अपराध BNS धारा 74 के अंतर्गत आता है।
कब धारा 74 लागू नहीं होती
- वैध आत्मरक्षा में बल प्रयोग
- कानूनन अधिकृत अधिकारी द्वारा कर्तव्य निर्वहन में
- सहमति से हुआ शारीरिक संपर्क
- दुर्घटनावश हुआ संपर्क
IPC और BNS में तुलना
| IPC | BNS |
|---|---|
| धारा 350 – आपराधिक बल | धारा 74 – आपराधिक बल |

