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BNS Section 351 – Criminal Intimidation | आपराधिक धमकी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!BNS Section 351 – आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation)
Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 351 उस स्थिति पर लागू होती है, जब कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को जान, शरीर, संपत्ति या प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर डराने का प्रयास करता है।
🔹 धारा 351 BNS की परिभाषा
यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को उसकी मृत्यु, शारीरिक चोट, संपत्ति के नुकसान या प्रतिष्ठा को हानि पहुँचाने की धमकी देता है, और उस धमकी का उद्देश्य सामने वाले व्यक्ति को भयभीत करना हो, तो यह अपराध आपराधिक धमकी कहलाता है।
🔹 आवश्यक तत्व (Essential Ingredients)
- धमकी जानबूझकर दी गई हो
- धमकी जीवन, शरीर, संपत्ति या प्रतिष्ठा से संबंधित हो
- धमकी का उद्देश्य भय उत्पन्न करना हो
- पीड़ित व्यक्ति वास्तव में भयभीत हो
🔹 सजा (Punishment under BNS 351)
BNS धारा 351 के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर:
- 2 वर्ष तक का कारावास, या
- जुर्माना, या
- दोनों
🔹 उदाहरण (Example)
यदि कोई व्यक्ति कहता है:
“अगर तुमने पुलिस में शिकायत की तो तुम्हें जान से मार दूँगा”
तो यह कथन BNS Section 351 के अंतर्गत आपराधिक धमकी माना जाएगा।
🔹 IPC से तुलना (IPC vs BNS)
पहले आपराधिक धमकी का अपराध IPC Section 506 के अंतर्गत आता था, जिसे अब BNS Section 351 द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है।
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🔹 क्या यह जमानती अपराध है?
अपराध की गंभीरता और परिस्थितियों के आधार पर यह अपराध जमानती या गैर-जमानती हो सकता है।
🔹 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q. क्या केवल शब्दों से भी आपराधिक धमकी बन सकती है?
हाँ, यदि शब्दों से भय उत्पन्न होता है।
Q. क्या लिखित या डिजिटल धमकी भी अपराध है?
हाँ, SMS, WhatsApp, Email या सोशल मीडिया द्वारा दी गई धमकी भी अपराध मानी जाती है।
