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BNS Section 100 –गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide)
भारतीय न्याय संहिता (BNS) – धारा 100
हत्या की परिभाषा (When Culpable Homicide is Murder)
परिचय
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 100 यह निर्धारित करती है कि गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) किन परिस्थितियों में हत्या (Murder) मानी जाएगी। यह धारा पुराने IPC की धारा 300 का स्थान लेती है।
धारा 100 के अंतर्गत हत्या कब मानी जाएगी
- मृत्यु कारित करने का स्पष्ट इरादा: यदि कृत्य जानबूझकर मृत्यु कारित करने के उद्देश्य से किया गया हो।
- ऐसी चोट पहुँचाने का इरादा जो मृत्यु के लिए पर्याप्त हो: भले ही मृत्यु का सीधा इरादा न हो।
- विशेष शारीरिक स्थिति का ज्ञान: पीड़ित की बीमारी या कमजोरी जानते हुए जानलेवा चोट पहुँचाना।
- अत्यंत खतरनाक कृत्य: ऐसा कृत्य जिससे मृत्यु होना लगभग निश्चित हो और कोई वैध औचित्य न हो।
सरल शब्दों में
हर गैर-इरादतन हत्या, हत्या नहीं होती। लेकिन जब इरादा, ज्ञान या कृत्य की प्रकृति अत्यंत घातक हो जाती है, तब वह अपराध BNS धारा 100 के अंतर्गत हत्या माना जाता है।
BNS 100 और BNS 103 का संबंध
| धारा | विवरण |
|---|---|
| BNS 100 | हत्या की कानूनी परिभाषा |
| BNS 103 | हत्या के लिए दंड |
पहले यह तय किया जाता है कि कृत्य हत्या है या नहीं (धारा 100),
उसके बाद दंड (धारा 103) लागू होता है।
IPC से तुलना
| IPC | BNS |
|---|---|
| धारा 300 | धारा 100 |
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